Saturday, January 30, 2010

प्यार का एक मुक्तक तुम्हारे नाम..............

ख़ुशी का नीर बन कर मैं तेरी पलकों पे आऊंगा
मधुर एक गीत बनकर मैं तेरे अधरो पे आऊंगा
कोशिशे लाख कर लेना तुम मुझ को भुलाने की
मैं रातो को,मैं नींदों में ,तेरे सपनो में आऊंगा .........
-सचिन"दीवाना"

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