SACHIN "SHASHVAT"
Saturday, January 30, 2010
एक कविता और
कभी भूल कर कभी जान कर
जाने क्यूँ तुम्हे अपना मानकर
तेरी यादो से विवाह कर लिया
हमने खुद को तबाह कर लिया ।
सचिन "दीवाना"
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